नार्वेजियन PSC अनुसंधान केंद्र (NoPSC): भाग I

 

 

35 वर्षों से ओस्लो, नॉर्वे के रिक्शोस्पितालेट में नार्वेजियन PSC अनुसन्धान केंद्र में PSC पर उत्कृष्ट अनुसन्धान किये जा रहे हैं (NoPSC). इसलिए यह समय था जब PSC रोगी यूरोप के अध्यक्ष, मार्लीन काटी तथा नार्वेजियन रोगी संगठन फोरेनिंग फॉर ऑटोइम्यून लीवरसिकडोमर  (FAL, www.fal.link) एस्पेन ब्यूनस (बोर्ड चेयर), एस क्जेल्मो (अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध) और लाइन होल (नार्वेजियन PSC दिवस) बोर्ड के सदस्य परिसर में आए और शोधकर्ताओं के इस समर्पित समूह के अतीत, वर्तमान और भविष्य के बारे में जाना.

 

धूप भरे ओल्सो में हमारा स्वागत हाल ही में रिटायर हुए NoPSC के निदेशक प्रोफेसर एरिक श्रम्फ, शोध परिचारिका मोना जोर्नस्टेड, NoPSC बायोबैंक के प्रबंधक लिव वेंचे थोर्बजोर्नसन तथा औषधि के प्रोफेसर एवं वरिष्ठ सलाहकार डॉ. टॉम एच. कार्लसन ने किया.

 

 

प्रोफेसर श्रम्फ़

 

प्रोफेसर श्रम्फ़ और उनके सहकर्मियों ने स्कॅन्डिनेवियन जर्नल ऑफ़ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी [1] में 'प्राइमरी स्लेरोसिंग कोलंगिटिस - नॉर्वे का अनुभव' शीर्षक से अपनी शुरुआत से लेकर जहाँ वे आज हैं, वहाँ तक NoPSC का विस्तृत विवरण देते हुए एक लेख प्रकाशित किया. हमारी भेंट का यह एक महत्त्वपूर्ण प्रस्थान बिंदु था.  अपने प्रस्तुतिकरण के दौरान प्रो. श्रम्फ़ ने NoPSC के बारे में संक्षेप में समझाया. इस समूह को 2007 में PSC के अनुवांशिक अवयव का पता लगाने के  विशेष आग्रह के साथ कुल 100 मिलियन NOK नार्वेजियन क्रौन (11,4 मिलियन यूरो) का एक बड़ा निजी अनुदान प्राप्त हुआ था.  नार्वेजियन कानून के अनुसार वहाँ की सरकार को हर अनुदान पर 25% जोड़ना होता है जिसका मतलब है NoPSC को दस वर्षों तक प्रतिवर्ष खर्च करने के लिए कुल 12.5 मिलियन NOK (1,4 मिलियन यूरो ) प्राप्त हुए. यह 2007 में NoPSC के गठन का कारण बना. कुछ माह पहले उन्हें इस बात की पुष्टि हुई कि अगले 10 वर्षों के लिए उन्हें एक और बड़ा अनुदान मिलने वाला है ताकि वे अपना शोध जारी रख सकें. अपनी कई भूमिकाओं में से एक, NoPSC साइंटिफिक बोर्ड के सदस्य के तौर पर प्रोफेसर श्रम्फ़ अब भी सक्रिय रूप से शामिल रहेंगे.


 

English

Hindi

Advisory Board Financial Monitoring

सलाहकार बोर्ड वित्तीय निगरानी

Guest Professors Scientific Monitoring

अतिथि प्रोफेसर वैज्ञानिक निगरानी

Management group Tom H. Karlsen, Kristen Muri Boberg, Erik Schrumpf

प्रबंधन समूह टॉम कार्लसन, क्रिस्टन मुरी बोबर्ग, एरिक श्रम्फ़

Project Packages Oslo driven projects and collaborative contributions

परियोजना पैकेज ओस्लो संचालित परियोजनाएँ तथा सहयोगपूर्ण अंशदान

The NoPSC Biobank

NoPSCNoPSC NoPSC बायोबैंक

The NoPSC Laboratory

NoPSC प्रयोगशाला

Liv W. Thorbjornsen Biobank

लिव डब्ल्यू थोर्बजोर्नसन बायोबैंक

Jarl Andreas Anmarksrud laboratory/PhD

जार्ल अन्द्रेअस अन्मार्कस्रुद प्रयोगशाला/पीएचडी

Hege D. Sollid Administration/Engineer

हेज डी सोल्लिड प्रशासन/यंत्री

Mona Skevig Research Nurse

मोना स्केविग शोध परिचारिका

Kristian Holm Bioinformatics

क्रिस्टियन होल्म जैव सूचना विज्ञान

 

चित्र  1: नार्वेजियन PSC अनुसन्धान केंद्र का संगठन सम्बन्धी चार्ट

 

अब तक NoPSC टीम ने PSC से सम्बन्धित 17 जीनों की खोज कर ली है और बाद में 33 ऐसे जीनों की पहचान भी की है जिनका PSC से सम्बन्ध हो सकता है लेकिन जिनके बारे में आगे जाँच-पड़ताल किए जाने की आवश्यकता है. एक मनुष्य में कुल 25,000 जीन होते हैं और इसके बावजूद कि पिछले कुछ वर्षों में तकनीक में अत्यधिक उन्नति हुई है जिससे इस क्षेत्र में जल्दी परिणाम प्राप्त होने में मदद मिलेगी, अभी एक लम्बा रास्ता तय किया जाना बाकी है.  गर्मियों के अंत तक हम NoPSC के भाग II में प्रोफेसर श्रम्फ़ के आलेख पर अधिक विस्तार से सामग्री प्रकाशित करेंगे.

 

साथ ही, पूर्व में उल्लेखित प्रचुर अनुदान के कारण 2010 में अंतर्राष्ट्रीय PSC अध्ययन समूह (IPSCSG) का गठन संभव हुआ जिसका समन्वयन भी NoPSC द्वारा ही किया जा रहा है. PSC शोधकर्ताओं के इस अंतर्राष्ट्रीय समूह का लक्ष्य विश्व भर में PSC से सम्बंधित सभी अनुसन्धान परियोजनाओं का समन्वयन करना है. वर्त्तमान में अर्थपूर्ण परिमाण और वैज्ञानिक महत्त्व वाली प्रभावी परियोजनाओं को स्वीकृत करते हुए 17 देश सामने आए हैं. इसी वर्ष बाद में एक आलेख में IPSCSG - mk पर अधिक जानकारी प्रस्तुत की जाएगी. 

 

शोध परिचारिका की ज़िम्मेदारियाँ

 

शोध परिचारिका मोना ने हमें टीम NoPSC के हिस्से के तौर पर उसके दैनिक कार्यों के बारे में विस्तार से बताया. एक शोध परिचारिका के तौर पर वह कई गतिविधियों का समन्वयन कर रही है और इस तरह से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर NoPSC टीम की मुख्य धुरी है.  वह कई सर्वेक्षणों के नमूने लेने, रोग विषयक जानकारी इकट्ठी करने के साथ कई और चीज़ों जैसे रोगी की भर्ती और रोगी सम्बन्धी आँकड़ों के प्रबंधन की ज़िम्मेदारी भी संभालती है.  वह रोग-विषयक और औषधि प्रवर्तित परीक्षण भी संचालित करती है.

 

मार्लीन को भी यूरोप के PSC रोगियों की सहायता करने का अवसर दिया गया है (ppt देखें).

 

 

NoPSC Biobank की यात्रा

 

कार्यक्रम का अगला चरण PSC बायोबैंक की यात्रा है. 

 


 

जैव इंजिनियर लिव वेंचे ने हमें विस्तार से बताया कि PSC बायोबैंक (चित्र  2 - 5) किस तरह बनाया जाता है और रिकॉर्ड किस तरह रखे जाते हैं (चित्र 6). वे बायोबैंक के दैनिक प्रबंधन: नमूना लेने, तैयारी और जैविक पदार्थों (रक्त, मूत्र, मल) के संग्रहण  की प्रभारी हैं.  वे डी. एन. ./आर. एन. . निष्कर्षण तथा गुणवत्ता नियंत्रण की भी प्रभारी हैं. यह बायोबैंक 2008 में स्थापित हुआ था और इसमें दोनों, अनुप्रस्थ (सिर्फ़ एक बार) और प्रत्याशित (वार्षिक) नमूनों का संग्रहण है.  यह सभी परियोजनाओं का महत्त्वपूर्ण साझा स्रोत है जो NoPSC तथा सहयोगी केन्द्रों द्वारा समर्थित है. 

 

 

 


 

चित्र  2: बारकोड युक्त ट्यूब  => 100 ट्यूब प्रति ट्रे  => सॉफ्टवेयर ट्यूब्स से संपर्क बनाए रखता है

 

NoPSC बायोबैंक सॉफ्टवेयर शोधकर्ताओं को सभी मानव नमूनों के साथ  आश्चर्यजनक रूप से विस्तृत तरीके से संपर्क बनाए रखने में मदद करता है. एक ट्रे में 100 ट्यूब्स होती हैं. हर ट्यूब में सामग्री वर्ग, नमूना लेने के दिनांक और समय, तैयारी के दिनांक, मात्रा, जमाव/पिघलाव चक्र तथा शेष मात्रा (निकाले जाने के बाद) समेत 19 मापदंड दर्ज होते हैं.

 

साथ ही, हर ट्यूब की स्थिति की विस्तृत जानकारी होती है: फ्रीज़र, रैक, ड्रावर, स्थान, बॉक्स क्रमांक तथा द्विआयामी स्थापन.  जमाव तापमान, जो NoPSC में ऋण 800 C होता है हर घंटे दर्ज किया जाता है और ट्यूब की जानकारी के साथ जुड़ा होता है.

यदि कोई दुर्घटनावश, नमूनों को गलत जगह पर रख देता है या गिरा देता है तब भी सॉफ्टवेयर को विभिन्न नमूनों से संपर्क बनाने में कोई समस्या नहीं होगी, प्रत्येक ट्यूब पर QR बारकोडिंग के लिए धन्यवाद (चित्र 2 देखें)

 

 

 


 

चित्र  3: NoPSC बायोबैंक फ्रीज़र                    चित्र 4:रक्षात्मक दस्तानों का प्रयोग करके
ड्रावर दिखाते हुए लिव वेंचे

 


 

चित्र  5: जमी हुई ट्रे नंबर 0189

 

बायोबैंक सॉफ्टवेयर (चित्र 6) में प्रति रोगी विस्तृत जानकारी भी होती है, जिसे अज्ञात रूप से देखा जा सकता है.   प्रत्यक्ष विवरणों जैसे आयु, लिंग, ऊँचाई, भार (BMI) के अलावा अन्य विवरण जैसे जातीयता, धूम्रपान की आदत, औषधि प्रयोग तथा दूसरे दीर्घकालिक रोग, आहार तथा यदि लागू हो तो पिछले 12 महीनों के दौरान 4 सप्ताह से अधिक का बाहर रहने का समय दर्ज किये जाते हैं.  रोगी के व्यक्तिगत स्तर पर अन्य बहुत-सी चीज़ों पर नज़र रखी जाती है; उदाहरण के तौर पर सॉफ्टवेयर में एक विशेष बॉक्स होता है जिसमें शोधकर्ता यह संकेत कर सकते हैं कि रोगी को कौन-सा स्व-प्रतिरक्षित रोग है जिसे पाए गए 17 जीनों के साथ जोड़ा जा सकता है.

 

प्रति रोगी तकरीबन 60 ट्यूब्स होते हैं.  इसके अतिरिक्त, लगभग 800 रोगियों का मल, 100 से कम का मूत्र, 300 से अधिक का पित्त, लगभग 125 की बयोप्सियाँ और लगभग 200 रोगियों की पित्त वाहिनियों की ब्रश कोशिकाएँ बायोबैंक में रखे जाते हैं.





चित्र  6: रोगी सम्बन्धी आँकड़ों का विवरण

 

वर्त्तमान में, नार्वेजियन बायोबैंक में 1,070 यकृत रोगियों के रक्त के नमूने रखे गए हैं जिनमें से 300 PSC वाले हैं.   नमूनों का संग्रह नार्वेजियन रोगियों से किया गया है लेकिन वे कई विश्लेषणों में अंतर्राष्ट्रीय अनुसन्धान समूहों के साथ मिल कर काम कर रहे हैं. 


अंतर(राष्ट्रीय) सहयोग

 

इस सब  के साथ हमारे कार्यक्रम में रोगी संगठनों और अनुसन्धान समूहों के बीच आगे के सहयोग पर प्रोफेसर डॉ कार्लसन के साथ बातचीत करना शामिल था.  दोनों समूह एक दूसरे के साथ निकटता से काम करने के प्रति उत्साहित हैं, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर, जैसे हमारे पास एक साझा रुझान है और हम एक दूसरे से सीख सकते हैं.

 
प्रोफेसर कार्लसन ने यूरोप और FAL, दोनों के PSC रोगियों की हिमायत के लिए आभार व्यक्त किया और हम सबके पास इस चीज़ की पर्याप्त योजनाएँ थीं की PSC शब्द को कैसे बाहर किया जाए.  प्रोफेसर कार्लसन के अनुसार "यह एक जटिल परिदृश्य है और हमारे पास एक आवाज़ होना बहुत ज़रूरी है !" 

यह सुनना बहुत आश्वस्त करता है कि शोधकर्ता और चिकित्सक अपनी गतिविधियों के दौरान रोगी की आवाज़ सुनने में दिलचस्पी रखते हैं जो रोगी के नज़रिए से उनमें से एक गुणवत्ता का मानक है.  आने वाले महीनों में, FAL और PSCPE दोनों एक दूसरे को प्रगति के साथ सामायिक बनाते हुए इस विषय में राष्ट्रीय स्तर पर शामिल रहेंगे. लक्ष्य है यूरोपीय स्तर पर इसे व्यापक तौर पर उपलब्ध कराना.

 

लिव वेंचे के साथ बाद में हमारी यह बातचीत हुई कि FAL नार्वेजियन सदस्यों को अधिक विस्तार से सूचित करेगा कि वे किस तरह से वर्ष में एक बार रक्त का नमूना देकर अपने अनुसन्धान में बढ़ोतरी कर सकते हैं. वे वृहत्तर ओल्सो क्षेत्र में रहने वाले रोगियों द्वारा अनुसन्धान के उद्देश्य से बायोबैंक में रक्त के नमूने दिए जाने की संभावनाएँ तलाशेंगे.

 

प्रोफेसर श्रम्फ़ ने सभी PSC रोगियों का राष्ट्रीय पंजीकरण करने की योजना पर बात की.   FAL के बोर्ड का एक सदस्य राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह का एक हिस्सा हो सकता है जिसका उद्देश्य है PSC रोगियों के साथ निरंतर कार्य करने के लिए राष्ट्रीय दिशानिर्देश स्थापित करना. 

 

"PSC अनुसन्धान क्षेत्र में बहुत ऊर्जा है इसलिए रोगी भाग्यशाली हैं और हमें किसी भी प्रकार, आकार और रूप में अपना योगदान देना चाहिए ", PSCPE अध्यक्ष मार्लीन काटी कहती हैं.

 

FAL बोर्ड चेयर एस्पेन ब्यूनस ने कहा, "क्या बढ़िया अवसर है, सिर्फ़ रिक्शोस्पितालेट पर चल रहे उत्कृष्ट शोध पर विस्तार से सुनने के लिए बल्कि NoPSC, PSCPE और FAL के लिए मिलने, एक दूसरे के बारे में अधिक जानने और एक मज़बूत रिश्ता बनाने के लिए भी! भविष्य में हम सब बेहतर स्वस्थ्य सेवा, अधिक भरोसेमंद जानकारी, सीखने और अनुसंधान करने के लिए साथ-साथ काम करेंगे."  

 

यदि आप NoPSC के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो कृपया NoPSC Annual Report 2014 पढ़ें जिस पर NoPSC की गतिविधियों तथा उपलब्धियों पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध है साथ ही  NoPSC website पर भी जाएँ. 

 

[1] Schrumpf E1, Boberg KM, Karlsen TH.
प्राथमिक स्लेरोसिंग कोलेंगिटिस - नार्वेजियन अनुभव,  Scand J Gastroenterol.2015 Jun;50(6):781-96. doi: 10.3109/00365521.2015.1028996. Epub 2015 Apr 12.


 

ऊपर दिए गए आलेख का मूल (अंग्रेजी) पाठांतर
प्रोफेसर डॉ. श्रम्फ़, नार्वेजियन PSC अनुसन्धान केंद्र, सोलो विश्वविद्यालय चिकित्सालय, ओस्लो, नॉर्वे द्वारा सितम्बर 2015 में जाँचा एवं स्वीकृत किया गया है

 

शब्दावली

 

बायोबैंक              

यह 'मानवीय शारीरिक गठन की लाइब्रेरी' की तरह है: यह विभिन्न जैव नमूनों (जैसे रक्त, प्लाज्मा, लार, मल तथा डी. एन. . ) का संचयन है जिन्हें एक बड़े फ्रीज़र, गैस या तरल नाइट्रोजन में रखा जाता है.

 

BMI (बी. एम. आई.)
बॉडी मास इंडेक्स (शारीरिक द्रव्यमान सूचकांक)
ऊँचाई और भार के आधार पर किया गया एक संख्यात्मक परिकलन, जिसका उपयोग मोटापे की स्थिति के सूचक के तौर पर किया जाता है.

DNA (डी. एन. .)
एक अणु जिसमें सभी ज्ञात जीवित जीवधारियों और कई विषाणुओं के विकास, कार्यपद्धति और पुनरुत्पत्ति के उपयोग में आने वाले अनुवांशिक निर्देश शामिल होते हैं.

FAL (एफ़. . एल.)
फोरेनिंग फॉर ऑटोइम्यून लीवरसिकडोमर, नार्वेजियन PSC, PBC, तथा AIH रोगी संगठन

जीन
डी. एन. . का एक क्षेत्र/भाग

IPSCSG
अंतर्राष्ट्रीय PSC अध्ययन समूह

RNA (आर. एन. .)
रिबोनुक्लेइक एसिड: एक अणु जिसे जीनों की कोडिंग, डिकोडिंग, व्यवस्थापन और अभिव्यक्ति के लिए उपयोग किया जाता है.

 

स्रोत :
FAL
IPSCSG
NoPSC

विकिपीडिया

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लेखकमार्लीन के.
संपादक: वल्माए वाई.
अनुवादक:

यह आलेख सर्वाधिकार मुक्त है, जब ;

  1. सम्पूर्ण आलेख वैसा ही प्रकाशित किया जाए जैसा आप इसे देख रहे हैं (बिना सुधार या वृद्धि के)
  2. उल्लेख: यूरोप के PSC रोगियों पर एक आलेख (PSCPatientsEurope.org)
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Translator (from English into Hindi): Amey Kant

अनुवादक (अंग्रेजी से हिंदी): अमेय कान्त